ॐ गुरवे नमः
ज्योतिष के अनुसार चन्द्रमा सबसे तेज चलने वाला ग्रह है जिसकी अवस्था में प्रतिदिन परिवर्तन होता है।मानव शरीर में मन से तेज और तीव्र बदलने वाला कुछ भी नहीं। अतः चन्द्रमा मन का कारक है।
वेदों में कहा गया है 'चन्द्रमा मनसो जातः' अर्थात् चन्द्र मानस है।
चन्द्रमा को प्रकाश सूर्य से प्राप्त होता है, सूर्य आत्मा का कारक है जिस प्रकार चन्द्रमा सूर्य के प्रकाश को परावर्तित करता है उसी प्रकार चन्द्रमा आत्मा के तेज को भावनाओं के रूप में प्रतिबिंबित करता है अर्थात् चन्द्रमा हमारी मनोभावना को प्रदर्शित करता है। चन्द्रमा हमारी मानसिकता को प्रदर्शित करता है।ध्यान देने योग्य बात यह है कि चन्द्रमा मन को प्रदर्शित करता है बुद्धि को नहीं।
जीवित रहने के लिए आवश्यक वस्तुओं का कारक चन्द्रमा है। वेदों में कहा गया है-
"त्वमिमा औषधीः सोम विश्वास्त्वमपो अजनयस्त्वं गाः"
अर्थात् सोम देव ने पृथ्वी पर औषधियों, गायों एवं जल को उत्पन्न किया।
अतः चन्द्रमा दूध, नदी, समुद्र आदि तथा शरीर में रक्त को प्रदर्शित करता है।सूर्य ग्रह की अनुपस्थिति में चन्द्र ग्रह का प्रकाश पृथ्वी तक पहुँचता है। रात्रि में चन्द्र ग्रह जीव जंतु तथा वनस्पतियों का पोषण एवं सरंक्षण करता है।
चन्द्रमा को स्त्री ग्रह है इसलिए चन्द्रमा को मातृ कारक कहा जाता है। चन्द्र के प्रकाश में शीतलता होती है जो कि दया तथा ममता के समान है। अतः चन्द्र हमारे भीतर दया , ममता, संवेदनशीलता का प्रतीक है।
चन्द्रमा सात्त्विक है। चन्द्र जलीय तत्त्व है तथा वर्ण से वैश्य है।
चन्द्र निम्न का स्वामी है -
वेदों में कहा गया है 'चन्द्रमा मनसो जातः' अर्थात् चन्द्र मानस है।
चन्द्रमा को प्रकाश सूर्य से प्राप्त होता है, सूर्य आत्मा का कारक है जिस प्रकार चन्द्रमा सूर्य के प्रकाश को परावर्तित करता है उसी प्रकार चन्द्रमा आत्मा के तेज को भावनाओं के रूप में प्रतिबिंबित करता है अर्थात् चन्द्रमा हमारी मनोभावना को प्रदर्शित करता है। चन्द्रमा हमारी मानसिकता को प्रदर्शित करता है।ध्यान देने योग्य बात यह है कि चन्द्रमा मन को प्रदर्शित करता है बुद्धि को नहीं।
"त्वमिमा औषधीः सोम विश्वास्त्वमपो अजनयस्त्वं गाः"
अर्थात् सोम देव ने पृथ्वी पर औषधियों, गायों एवं जल को उत्पन्न किया।
अतः चन्द्रमा दूध, नदी, समुद्र आदि तथा शरीर में रक्त को प्रदर्शित करता है।सूर्य ग्रह की अनुपस्थिति में चन्द्र ग्रह का प्रकाश पृथ्वी तक पहुँचता है। रात्रि में चन्द्र ग्रह जीव जंतु तथा वनस्पतियों का पोषण एवं सरंक्षण करता है।
चन्द्रमा को स्त्री ग्रह है इसलिए चन्द्रमा को मातृ कारक कहा जाता है। चन्द्र के प्रकाश में शीतलता होती है जो कि दया तथा ममता के समान है। अतः चन्द्र हमारे भीतर दया , ममता, संवेदनशीलता का प्रतीक है।
चन्द्रमा सात्त्विक है। चन्द्र जलीय तत्त्व है तथा वर्ण से वैश्य है।
चन्द्र निम्न का स्वामी है -
- रंग - सफ़ेद
- दिशा - उत्तर-पश्चिम
- ऋतु - शीत ऋतु
- धातु - चाँदी
- भोजन - चावल
- अंग - फेफड़े
- सदस्य - माता
- राशि - कर्क
ॐ तत् सत्
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